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संपादकीय लेख : बच्चों के प्रति हमारे कर्तव्य


मेरा यह लेख दैनिक समाचार पत्रों में छप चुका है। 

एक अच्छे विशाल वृक्ष के तैयार होने में किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है?? क्या आपने इस बात पर कभी विचार किया है यदि हाँ तो बताइए??
विशाल वृक्ष बनने के लिए
अच्छे प्रकार की पोषक तत्वों से युक्त मिट्टी की आवश्यकता होती है।
मिट्टी में डालने के लिए उत्कृष्ट बीज की आवश्यकता होती है।
नमी की आवश्यकता होती है।
सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है।
तेज हवाओं के झोंकों से बचने के लिए सहारे की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा कोई जानवर छोटी अवस्था में ही न चर ले, इसलिए सुरक्षा की भी आवश्यकता होती है
तब जाकर एक बीज पौधा और पौधा विशाल वृक्ष का रूप लेता है।

कुछ ऐसा ही मनुष्य के जीवन में भी होता है। लोग ऐसा सोचते हैं कि मनुष्य के अंदर जो गुण होते हैं वह अनुवांशिक होते हैं, यह बात कुछ हद तक ठीक है लेकिन सर्वथा सत्य नहीं, क्योंकि जिस प्रकार से एक अच्छे प्रजाति का बीज एक विशाल वृक्ष के तैयार होने की गारंटी नहीं देता है उसी प्रकार से अच्छे सद्चरित्र बुद्धिमान स्वस्थ मजबूत साहसी व्यक्ति की संतान आवश्यक नहीं है कि उक्त गुणों से युक्त हो। इसके लिए अन्य कारक भी जिम्मेदार हैं. जैसे -
वह जिस परिवेश में पल बढ़ रहा है वह परिवेश कैसा है। जिस प्रकार पहाड़ी ककरीली पथरीली मिट्टी में छोटे वृक्ष और कटीली झाड़ियां उगती हैं उसी प्रकार गंदे परिवेश में अपराधी मानसिकता और आवारगी का जीवन जीने वाले मनुष्यों का विकास हो सकता है, स्वस्थ मानसिकता का नहीं।
पोषण की स्थिति कैसी है क्योंकि कुपोषण की दशा में बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होगा।
इसी प्रकार उसे किस प्रकार की शिक्षा दी जा रही है। पढ़ने लिखने की सुविधाएं कितनी पर्याप्त मिली हुई हैं। जिस प्रकार से बिना प्रकाश के पौधे पीले पड़ जाते हैं और अंत में सूख जाते हैं उसी प्रकार बिना शिक्षा के समाज में सरवाइव करना संभव नहीं है।
बच्चा शारीरिक रूप से कितना एक्सरसाइज कर रहा है। बिना एक्सरसाइज के शरीर कमजोर और आलसी हो जाता है।
अंत में उसकी सुरक्षा के क्या इन्तिज़ाम हैं अर्थात शांति व्यवस्था के सरकारी उपाय कितने पुख्ता हैं। इन सब वाह्य कारकों से व्यक्ति का व्यक्तित्व या जीवन निर्धारित होता है। यदि इन कारकों में से कोई भी कारक अपर्याप्त या सहायक की भूमिका में नहीं है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति का व्यक्तित्व या जीवन प्रभावित होगा। जिसके लिए जिम्मेदार परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों सं युक्त रूप से हैं। अतः हम सभी को अपने अपने स्तर पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यह हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है, अनदेखा नहीं किया जा सकता।
editorial2020.blogspotcom/mybetu


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